नीति आयोग ने पन्द्रह वर्ष़ों में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार तीन गुना बढ़ने का अनुमान लगाया है :-
- 2015-16 में भारत की जीडीपी 2.11 अरब डॉलर थी।
- 2030 तक इसके तीन गुना से अधिक बढ़कर 7.25 खरब डॉलर तक पहुँचने की सम्भावना है।
- अगले 15 वर्ष़ों में 8 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर अपेक्षित है।
- 2015-16 तक अर्थव्यवस्था में 91 लाख करोड़ रू. की वृद्धि हुई।
- 1999-2000 में अर्थव्यवस्था का आकार 46 लाख करोड़ रू. था।
- वर्तमान में प्रति व्यक्ति जीडीपी 1,06,589 रु. है और यह आँकड़ा 2031-32 में 3,14,776 तक पहुँच जाएगा।
- भारत की शहरी आबादी वर्तमान के 37.7 करोड़ के आँकड़े से बढ़कर 60 करोड़ तक पहुँच जाएगी।
- केन्द्रीय और राज्य खर्च 2015-16 में 38 लाख करोड़ रू. से बढ़कर 2031-32 में 130 लाख करोड़ रू. तक पहुँच जाएगा।
- राजस्थान की 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) – उद्देश्य – तीव्र, सतत् और समावेशी विकास सकल विकास दर का लक्ष्य – 7.70%
क्षेत्र-
| I | II | III |
| कृषि | उद्योग | सेवा |
| 3.5% | 8% | 9.5% |
(GSDP – Growth State Domestic Product)
राजस्थान की कुल योजना का बजट – 1,96,992 करोड़ रूपये जो कि 11वीं योजना से 2.75 गुणा अधिक है। राजस्थान की 12वीं योजना में।(GSDP – Grouth state domestic product)
- मातृत्व की मृत्यु दर – 200/ 1 लाख (2010-2012 में 255 रही)
- शिशु मृत्यु दर – 40/1000 पर (2012 में 49 रहा था)
- कुल प्रजनन दर – 2.5% लाने का लक्ष्य (2012 में 2.9 रही)
- 0-3 आयुवर्ग बच्चों में कुपोषण की दर 25.3% (2005-06 सर्वे के अनुसार – 36.8%)
- 0 – 6 आयु वर्ग के बच्चों के बाल लिंगानुपात – 912 लाने का लक्ष्य (2011 की जनगणना के लिंगानुपात – 888 रहा)।
साक्षरता दर – 79.5% (2011 की जनगणना के अनुसार = 66.1% रही।
- 12वीं पंचवर्षीय योजना में फण्ड सर्वाधिक PSU से (सर्वाजनिक क्षेत्र उपक्रम) – 66908 करोड रूपये। दूसरा स्थान द्वारा उधार की व्यवस्था से- 66600 करोड रूपये PF (सामान्य निधि), SI (राज्य बीमा), अल्प बचत इत्यादि।
- 11 वीं योजना में लगभग 72 हजार करोड़ रूपये खर्च का लक्ष्य रखा, कुल बजट – 72 हजारा करोड़ तय था। वास्तविक खर्च – लगभग 94 हजार करोड रूपये।
- 11वीं योजना में सबसे ज्यादा खर्च ऊर्जा पर तथा सामुदायिक सेवा पर। राजस्थान में 11वीं योजना में 7.76% आर्थिक वृद्धि दर प्राप्त की गई।
- राजथान की सबसे सफल योजना – 8वीं (8.81%) असफल = (1.9%)
- राजस्थान की 12वीं योजना में बजट सर्वाधिक हिस्सा।
- ऊर्जा पर खर्च (लगभग 37%)
- सामाजिक व सामुदायिक सेवाओं पर (लगभग 35%)
- 1950 से 2014 तक की अवधि राजस्थान में जो योजनागत विकास हुआ। सर्वाधिक बजट – ऊर्जा व सिंचाई क्षेत्र पर खर्च किया।
- राजस्थान में योजनागत विकास में जनसंख्या नियन्त्रण करना आज भी चुनौती है। क्योंकि 2001-2011 की जनगणना में राजस्थान में लगभग 21% बढ़ी है जो भारत के लगभग 17% से अधिक है।
- 1960 से 2014 तक राजस्थान की औसत आर्थिक वृद्धिदर 5.78 रही।
- राजस्थान के विकास में मुख्य कारक निम्न है-
- खनिज (खनिजों का अजायबघर – राजस्थान) नई खनन नीति 2015
- पर्यटन – पर्यटन नीति 2015 में बनी।
- कृषि व पशुपालन – सबसे मुख्य कारक।
- ऊर्जा व सिंचाई।