पशु सम्पदा
- राजस्थान में पशु सम्पदा का योगदान राज्य की GDP में 10.21% कुल राजस्व में 9-10%, देश के दुग्ध उत्पादन में राजस्थान का हिस्सा 11.62%, माँस उत्पादन में 2.68% व ऊन उत्पादन में 30% योगदान है।
- राजस्थान में प्रथम पशुगणना 1919-20 में सम्पन्न हुई। प्रति 5वें वर्ष राजस्व मंडल अजमेर द्वारा पशु गणना करवाई जाती है। नवीनतम 19वीं पशु गणना 2012 में पुरी हुई। 19वीं पशु गणनानुसार राजस्थान में कुल पशु 577.32 लाख है जिसमें सर्वाधिक बकरी वंश है।
- 2007 की तुलना में सर्वाधिक वृद्धि खच्चर वंश व सर्वाधिक कमी कुत्ते वंश में हुई है। पिछली तीन पशु गणना में ऊंटों की संख्या में लगातार गिरावट आई।
- कारण – 1. रोग ‘सर्रा’ 2. ऊँट तस्करी (वर्तमान)
- अतः राज्य सरकार ने ऊँटों के वध को रोकने के लिए कानुन बनाया।
पशु घनत्व –
| पशु घनत्व | 169 |
| सर्वाधिक घनत्व | दौसा और राजसमन्द (299) |
| न्यूनतम घनत्व | जैसलमेर (83) |
- गाय वंश – भारत में सर्वाधिक गाय वंश MP में व राजस्थान का 5वाँ स्थान है। राजस्थान में सर्वाधिक उदयपुर व न्यूनतम धौलपुर है।

पूर्वी व उतरी राजस्थान में पायी जाती है।
- भैंस वंश – भारत में सर्वाधिक भैंस UP में व राजस्थान का दूसरा स्थान है। राजस्थान में सर्वाधिक भैंस अलवर व न्यूनतम जैसलमेर में है। सारणी –
