राजस्थान सामान्य ज्ञान : उद्योग

सूतीवस्त्र उद्योग :

  • यह आधुनिक संगठित उद्योगों में राज्य का परम्परागत व प्राचीनतम उद्योग है। राज्य की पहली सूती वस्त्र मिल कृष्णा मिल्स लिमिटेड है, जिसकी स्थापना 1889 ई. में सेठ दामोदर राठी ने ब्यावर में की थी।
  • राज्य में सर्वाधिक सूती वस्त्र मिलें भीलवाडा जिले में है।
  • राज्य में सार्वजनिक  क्षेत्र में सूती वस्त्र मिलें ब्यावर (अजमेर) तथा विजयनगर में स्थापित की गई हैं।सहकारी क्षेत्र में गुलाबपुरा  (भीलवाड़ा), गंगापुर (भीलवाड़ा) तथा हनुमानगढ़ में सूती वस्त्र मिलें स्थापित की गई हैं। भीलवाड़ा को ‘राजस्थान का मेनचेस्टर’ या वस्त्र नगरी कहा जाता है।
  • स्पिनफैड (राजस्थान राज्य सहकारी स्पिनिंग व जिनिंग मिल्स संघ लिमिटेड) की स्थापना :- 1 अप्रैल, 1993 को।

राजस्थान की प्रमुख सूती वस्त्र मिलें

मिलें स्थापना स्थान
एडवर्ड मिल्स लिमिटेड 1906 ब्यावर
श्री महालक्ष्मी मिल्स लिमिटेड 1925 ब्यावर
मेवाड़ टेक्सटाइल्स मिल्स 1938 भीलवाड़ा
महाराजा उम्मेद सिंह मिल्स लिमिटेड 1942 पाली
सार्दुल टेक्सटाइल्स लिमिटेड 1946 श्रीगंगानगर
राजस्थान स्पिनिंग एण्ड वीविंग मिल्स 1960 भीलवाड़ा
आदित्य मिल्स किशनगढ़
उदयपुर कॉटन मिल्स 1961 उदयपुर
राजस्थान टेक्सटाइल्स मिल्स 1968 भवानीमण्डी

चीनी उद्योग :

  • देश का दूसरा बडा कृषि आधारित उद्योग लेकिन राजस्थान में चीनी का उत्पादन बहुत कम मात्रा में होता है।
  • राज्य के गन्ना उत्पादन में प्रथम स्थान पर गंगानगर जिला तथा द्वितीय स्थान बूँदी जिला है।
  • राज्य में चीनी की तीन (एक निजी क्षेत्र, में एक सार्वजनिक क्षेत्र में तथा एक सहकारी क्षेत्र में) वृहद् इकाइयाँ हैः

(i) दि मेवाड शुगर मिल्स लिमिटेड भोपाल सागर (चितौडगढ 1932) : यह निजी क्षेत्र में है तथा राज्य की प्राचीनतम चीनी मिल है।

(ii) दि गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड श्री गंगानगर (1956) : यह सार्वजनिक क्षेत्र में है तथा इसमें उत्पादन सन् 1945 से आरम्भ हुआ था। उस समय यह बीकानेर इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन लिमिटेड के नाम से स्थापित कि गई थी यहाँ गन्ना एवं चुकन्दर दोनों से चीनी बनाई जाती है। इसके अधीन एक शराब और स्प्रिट बनाने का कारखाना तथा धौलपुर की ग्लास फैक्ट्री भी कार्यरत है।

(iii) श्री केशोरायपाटन सहकारी शुगर मिल्स लि., केशोरायपाटन (बूँदी) 1965 यह सहकारी क्षेत्र में है। इसका एक उद्देश्य आस-पास के क्षेत्रों में गन्ने के उत्पादन को बढावा देना भी है।

ऊनी वस्त्र उद्योग

  • राज्य में ऊन का उत्पादन देश  के कुल ऊन का लगभग 40 प्रतिशत होता है।
  • राजस्थान में ऊन उद्योग से संबंधित संस्थाएँ एवं फैक्ट्रियाँ निम्न हैं-
  1. स्टेट वूलन मिल- बीकानेर
  2. वर्स्टेड स्पिनिंग मिल्स- चूरू तथा लाडनूँ (नागौर)
  3. जोधपुर ऊन फैक्ट्री- जोधपुर
  • एशिया की सबसे बड़ी ऊन मण्डी- बीकानेर है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page