राजस्थान सामान्य ज्ञान : पशु सम्पदा

पशु सम्पदा

पशुधन

  • पशुपालन, डेयरी मत्स्यपालन राज्य सूची का विषय है। 
  • राजस्थान में पशु गणना का कार्य अजमेर स्थित ‘राजस्व मण्डल‘ द्वारा किया जाता है। वर्ष 2003 में 17वीं पशु गणना की गई।
  • 15 सितम्बर, 2012 से 15 अक्टूबर 2012 तक 19वीं पशुगणना का कार्य सम्पन्न हुआ है।
  • भारत में पशुगणना 1919 में प्रारम्भ हुई थी।
  • पशु गणना का कार्य हर 5वें वर्ष होता है।
  • वर्ष 2007 में की गई पशुगणना 18वीं पशु गणना थी। इसे शिक्षकों द्वारा नस्लवार की गई।
  • पशु गणना बारह प्रकार के पशुओं की जाती है।
  • 2003-04 में जो पशु गणना हुई थी उसमें 491.36 लाख पशु थे।
  • पशुओं की प्रतिशत में वृद्धि 15.32 प्रतिशत हुई। 255.16 लाख पशु
  • स्वतंत्र राजस्थान में 1951 में प्रथम पशु संगणना की गई।
  • 1951 में पशु – 255.16 लाख।
  • वर्ष 2007 की पशुगणना के अनुसार राज्य में कुल पशुधन 566.63 लाख था।
  • 2007 में पशुधन घनत्व 166 था तथा प्रदेश में प्रति हजार जनसंख्या (वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार) पर पशुओं की संख्या 826 थी।
  • राज्य में 19वीं पशुगणना 2012 में की गई, जिसके अनुसार कुल पशुधन 577.32 लाख हैं। यह देश के कुल पशुधन का 11.27% हैं।
  • राज्य का पशु घनत्व :- 169 प्रति वर्ग किमी.।
  • राज्य में सर्वाधिक पशु घनत्व दौसा व राजसमन्द (292) एवं न्यूनतम जैसलमेर (83) में हैं।
  • 19वीं पशुगणना (राजस्थान) :-
पशु2012 में (लाख में)राज्य के कुल पशुधन का प्रतिशत2007 में (लाख में)परिवर्तन % (2007-12)भारत में स्थान
गौवंश133.2423.08%121.199.94%5वाॅ
भैंस129.7622.48%110.9216.99%दूसरा
भेड़90.8015.73%111.90-18.86%तीसरा
बकरी216.6637.53%215.030.76%पहला
घोड़ा0.380.07%0.2548.5%चौथा
गधा0.810.14%1.02-20.23%पहला
ऊँट3.260.56%4.22– 22.79%पहला
खच्चर0.030.009280.93%11वॉ
सुअर2.380.41%2.0913.96%17वॉ
कुल पशुधन577.32566.631.89%दूसरा
कुक्कुट80.2449.9460.69%
  • 19वीं पशुगणना में पशु सम्पदा में राजस्थान में सर्वाधिक वृद्धि खच्चर (280.93%) व कुक्कुट (60.69%) में हुई।
  • सर्वाधिक कमी :- ऊँट (-22.79%)
  • राज्य में सर्वाधिक संख्या वाला पशु :- बकरी (216.66 लाख)
  • यहाँ पर पशुधन घनत्व 169 प्रति वर्ग किलोमीटर है। वर्तमान में प्रदेश में प्रति हजार जनसंख्या पर पशुओं की संख्या 842 हो गई है।
  • राजस्थान में देश का 6.98% गौवंश, 11.94% भैंस वंश, 16.03% बकरी वंश, 13.95% भेड़ वंश तथा 81% ऊँट वंश उपलब्ध है।
  • वर्ष 2012 में वर्ष 2007 की तुलना में राज्य की पशु-सम्पदा में 10.69 लाख (1.89%) की वृद्धि हुई है।
  • 2012 की पशुगणना के अनुसार राज्य में सर्वाधिक पशु बकरियाँ (37.53%) है।

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