अन्तर्राज्यीय सीमा :
- अन्तर्राज्यीय सीमा की लम्बाई -: 4,850 किमी.
- राजस्थान के कुल पड़ौसी राज्य – 5
राजस्थान व पंजाब की सीमा – (89 KM)
- राजस्थान के दो जिलों की सीमा पंजाब के साथ लगती है।
- पंजाब के दो जिलों की सीमा राजस्थान के साथ लगती है- (1) फाजिल्का, (2) मुक्तसर
- पंजाब के साथ सर्वाधिक सीमा श्रीगंगानगर की लगती है।
- पंजाब के साथ कम सीमा हनुमानगढ़ की लगती है।
- पंजाब की सीमा के नजदीक जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ है।
- पंजाब की सीमा के दूर जिला मुख्यालय श्री गंगानगर है।
- पंजाब की सीमा पर क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा जिला श्रीगंगानगर है।
- पंजाब की सीमा पर क्षेत्रफल की दृष्टि से छोटा जिला हनुमानगढ़ है।
राजस्थान व हरियाणा की सीमा – (1262 KM)
- राजस्थान के सात जिलों की सीमा हरियाणा के साथ लगती है।
- हरियाणा के सात जिलों की सीमा राजस्थान के साथ लगती है- 1. सिरसा, 2. फतेहाबाद, 3. हिसार, 4. भिवानी, 5. महेन्द्रगढ़, 6. रेवाड़ी, 7. मेवात।
- हरियाणा के साथ सर्वाधिक सीमा हनुमानगढ़ की लगती है।
- हरियाणा के साथ कम सीमा जयपुर की लगती है।
- हरियाणा की सीमा के नजदीक जिला मुख्यालय-हनुमानगढ़ है।
- हरियाणा की सीमा के दूर जिला मुख्यालय जयपुर है।
- हरियाणा की सीमा पर क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा जिला चुरू है।
- हरियाणा की सीमा पर क्षेत्रफल की दृष्टि से छोटा जिला झुंझुनूं है।
राजस्थान व उत्तरप्रदेश की सीमा – (877 KM)
- राजस्थान के दो जिलों की सीमा उत्तरप्रदेश के साथ लगती है।
- उत्तरप्रदेश के दो जिलों की सीमा राजस्थान के साथ लगती है – (1) मथुरा, (2) आगरा
- उत्तरप्रदेश के साथ सर्वाधिक सीमा भरतपुर की लगती है व कम सीमा धौलपुर की लगती है।
- उत्तरप्रदेश की सीमा के नजदीक जिला मुख्यालय भरतपुर का है व दूर जिला मुख्यालय धौलपुर।
- उत्तरप्रदेश की सीमा पर क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा जिला भरतपुर व छोटा जिला धौलपुर का है।
राजस्थान व मध्यप्रदेश – (1600 KM)
- राजस्थान के दस जिलों की सीमा मध्यप्रदेश के साथ लगती है।
- मध्यप्रदेश के दस जिलों की सीमा राजस्थान के साथ लगती है – (1) झाबुआ (2) रतलाम (3) मन्दसौर (4) नीमच (5) शाहजापुर (6) शिवपुरी (7) गुना (8) मुरैना (9) श्योपुरी (10) राजगढ़
- मध्यप्रदेश के साथ सर्वाधिक सीमा झालावाड़ की लगती है व कम सीमा भीलवाड़ा की लगती है।
- मध्यप्रदेश की सीमा के नजदीक जिला मुख्यालय धौलपुर का है व दूर जिला मुख्यालय भीलवाड़ा का है।
- मध्यप्रदेश की सीमा पर क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा जिला भीलवाड़ा व छोटा जिला धौलपुर है।
- राजस्थान के दो जिले मध्यप्रदेश के साथ दो बार सीमा बनाते हैं- कोटा व चित्तौड़गढ़
राजस्थान व गुजरात की सीमा – (1022 KM)
- राजस्थान के छः जिलों की सीमा गुजरात के साथ लगती है।
- गुजरात के 6 जिलों की सीमा राजस्थान के साथ लगती है – 1. कच्छ, 2. बनासकांठा, 3. साबरकांठा, 4. अरावली, 5. महीसागर, 6. दाहोद
- गुजरात के साथ सर्वाधिक सीमा जालौर की लगती है व कम सीमा बाड़मेर की लगती है।
- गुजरात की सीमा के नजदीक जिला मुख्यालय- डुंगरपुर व दूर जिला मुख्यालय बाड़मेर है।
- गुजरात की सीमा पर क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा जिला बाड़मेर है व छोटा जिला – डुंगरपुर है।
- राजस्थान के पाँच पड़ौसी राज्य है- पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात।
- राजस्थान के साथ सर्वाधिक सीमा मध्यप्रदेश की लगती है (1600 किमी.)
- राजस्थान के साथ कम सीमा पंजाब की 89 किमी. लगती है।
दो–दो राज्यों की सीमा बनाने वाले जिले –
- हनुमानगढ़ – पंजाब, हरियाणा
- भरतपुर – हरियाणा, उत्तरप्रदेश
- धौलपुर – उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश
- बांसवाड़ा – मध्यप्रदेश, गुजरात
* राज्य के सर्वाधिक निकट स्थित बंदरगाह – कांडला बन्दरगाह
सम्भाग
- तत्कालीन रियासतों के विलीनीकरण के फलस्वरूप नवगठित राजस्थान में कुल 25 जिले बनाये गये जिन पर प्रभावी नियंत्रण और प्रशासनिक समन्वय के लिये पांच संभागीय कार्यालय स्थापित किये गये थे।
- जिले के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को जिलाधीश (वर्तमान में जिला कलेक्टर) एवं संभाग स्तर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को संभागीय आयुक्त के पदनाम से सम्बोधित किया गया।
- संभागीय कार्यालय जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और कोटा में स्थापित किये गये। इनमें जयपुर संभाग के अन्तर्गत जयपुर, टोंक, सवाईमाधापुर, अलवर, भरतपुर, सीकर और झुंझुनूँ, जोधपुर संभाग में जोधपुर, पाली, नागौर, बाड़मेर, जैसलमेर, सिरोही और जालोर, उदयपुर संभाग में उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा, कोटा संभाग में कोटा, बूंदी और झालावाड़ तथा बीकानेर संभाग के अन्तर्गत बीकानेर, चूरू और गंगानगर जिले रखे गये थे।
- 1 नवम्बर, 1956 को अजमेर राज्य के राजस्थान में विलीनीकरण पर अजमेर राजस्थान का 26वां जिला बनाया गया और इसे तत्कालीन जयपुर संभाग के अधीन रखा गया। साथ ही जयपुर संभाग का नाम अजमेर संभाग कर दिया गया लेकिन संभागीय आयुक्त का मुख्यालय यथावत जयपुर में ही रहा।
- अप्रेल, 1962 को मोहनलाल सुखाड़िया सरकार ने संभागीय व्यवस्था समाप्त की।
- 26 जनवरी, 1987 को हरिदेव जोशी सरकार ने संभागीय व्यवस्था को पुनः लागू करते हुए 6 नये संभाग–जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा बनाये।
- 4 जून, 2005 को वसुन्धरा राजे सरकार ने भरतपुर को 7वां संभाग बनाया।
- वर्तमान में राजस्थान में सात संभाग हैं –