राजस्थान सामान्य ज्ञान : वन सम्पदा

 

 

वनस्पति

राजस्थान में वनस्पति के निम्न प्रकार पाये जाते हैं :-

  1. शुष्क मरूस्थलीय (उष्ण कांटेदार वन)– 30-50 cm वर्षा वाला क्षेत्र। ये वन 6.26% प्रतिशत क्षेत्र में विस्तृत है। इस क्षेत्र में Xerophyte Plants पाये जाते हैं। पत्तियां – छोटी, काँटेनुमा। तना – मांसल, कांटेदार, जड़े – गहरी पाई जाती है।
  • वृक्ष – खेजड़ी, फोग, कैर, कूमटा, बेर, रामबांस, बबूल, थूहर, नागफनी आदि। सेवण घास की अधिकता।
  1. अर्द्धशुष्क पर्णपाती वन– 50-80 सेमी. वर्षा वाला क्षेत्र। ये कुल वनों का लगभग 58.11 प्रतिशत है। यहां पर धोकड़ा, रोहिड़ा, नीम के वृक्ष पाये जाते हैं। यह जयपुर, दौसा, करौली, टोंक, सवाई माधोपुर और बूंदी में पाये जाते हैं।
  2. मिश्रित पतझड़ (उष्ण कटिबन्धीय शुष्क पर्णपाती)(Mixed Decidious Forests)– 60-85 सेमी. वर्षा वाला क्षेत्र। यह 28.38% क्षेत्र पर पाये गये हैं। मार्च-अप्रेल में झड़ते हैं। वृक्ष- धोकड़ा, खैर, पलाश (ढाक), सालर, साल, शीशम, बांस, आम, जामुन, अर्जुन वृक्ष, तेंदू तथा आंवला आदिप्रकार के वृक्ष पाये जाते हैं।मिश्रित पतझड़ वन उदयपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, राजसमन्द, चितौड़, भीलवाड़ा, स. माधोपुर, बारां, कोटा, बूँदी में विस्तृत है।

 

  1. शुष्क सागवान वन (Dry Teak Forests)– 75-110 सेमी. वर्षा वाला क्षेत्र। यह 7.05% क्षेत्र पर पाये गये हैं। सागवान, अर्जुन, तेंदू, महुआ आदि वृक्ष पाये जाते हैं। ये कुल वन क्षेत्र के लगभग 6.9 प्रतिशत भाग पर है। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, आबू पर्वत मे विस्तृत।

तेंदू से बीड़ी बनती है। प्रतापगढ़ में सर्वाधिक, इसे राजस्थानी भाषा में टिमरू कहते हैं। तेंदू वृक्ष को 1974 से राष्ट्रीयकरण कर दिया गया।

  1. उपोष्ण सदाबहार वन (Sub Tropical Ever Green Forest)– यह केवल माऊण्ट आबू में, यह 150 सेमी. वर्षा वाले क्षेत्र में .39% क्षेत्र पर पाये गये हैं। सिरस, बांस, बील, करौंदा, इंद्रोक, चमेली, वनगुलाब आदि वृक्ष पाये जाते हैं। वानस्पतिक विविधता सर्वाधिक सम्पन्न।
क्र.सं. वन प्रका कुल क्षेत्रफल (वर्ग Km) कुल वन क्षेत्र का %
1. शुष्क सागवान वन 2247.87 6.86%
2. शुष्क उष्ण कटिबंधीय धोक वन 19027.75 58.11%
3. उत्तरी उष्ण कटिबन्धीय शुष्क पतझड़ी मिश्रित वन 9292.86 28.38%
4. उष्ण कटिबन्धीय कांटेदार वन 2041.52 6.26%
5. अर्द्ध उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन 126.64 0.39%

राजस्थान में वन पाये जाते हैं।

1.धोकड़ा वनवानस्पतिक नाम -: एनोजिस पंडूला (राज्य के 60%) सर्वाधिक करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर

2.पलास वन (ढाक वन) – वानस्पतिक नाम -: ब्यटिना मोनोस्पर्मा। उपनाम -: जंगल की ज्वाला।  राजसमन्द व आसपास

3.सालर वन – उदयपुर, राजसमन्द, अलवर, अजमेर

4.सागवान वन – बाँसवाड़ा

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page